Category: पहला कदम
बंधन
क्या धर्म के नियम बंधन नहीं ? बंधन दो प्रकार के… जो पराश्रित करें/ दुःख दें, जैसे सांसारिक। दो… जो स्वआश्रित करें/ सुख दें, जैसे
शिथलाचार
श्री कषायपाहुड में आचार्य कुन्दकुन्द स्वामी ने कहा है… उच्च साधना वाले तथा हल्की साधना वालों को एक श्रेणी में नहीं रखना चाहिये। उच्च साधना
भक्ति
भक्ति करने से गुणों से जुड़ जाते हैं, प्रसन्नता/ विनम्रता आती है। जिसकी भक्ति की जाती है उसके गुण आने लगते हैं। बहुश्रुतवान की भक्ति
निमित्त
शेर खतरनाक फिर भी उसकी उपमा दी जाती है। कुत्ता वफ़ादार उसकी क्यों नहीं ? शेर डंडे/ तलवार को न पकड़ कर मारने वाले (कर्म)
विकार / पुरुषार्थ
शीतल जल गर्म हुआ अग्नि (खराब परिस्थितियों) के सम्पर्क में आने से। पुरुषार्थ से जल को अग्नि से दूर किया तो विकार से स्वभाव (शीतलता)
इंद्रिय नियंत्रण
आचार्य श्री विद्यासागर जी कहते हैं… आंख खोली तो पाप लगता है, पैर चले तो हिंसा। तो क्या करें ? कम से कम आंख खोलें।
मंगलाचरण
मंगलाचरण में 6 अधिकार (चीजें) होते हैं… जैसे द्रव्यसंग्रह के मंगलाचरण में… मंगल…जो पुण्य ले आए/ पापों को गलाये। यहाँ श्री ऋषभदेव भगवान का नाम।
मित्रता
मित्रता निभाने से पुण्यबंध। मित्रानुराग से कषाय, पापबंध। मुनि श्री अध्यात्ममणि सागर जी (व्रती श्री लालमणि जी वरैया, ग्वालियर)
तत्व
कुण्डलपुर मंदिर जीर्णक्षीण तथा भूकंप से नुकसान होने पर नया बनाने की फैसले की, पुरातत्व विभाग ने आपत्ति की। आचार्य विद्यासागर जी… “आपका ध्यान पुरातत्व
सोला
सोला में 16 तरह की शुद्धि…. अन्न शुद्धि… अन्न, जल, अग्नि, कर्ता शुद्धि। क्षेत्र… प्रकाश, वायु, स्थान, गन्ध शुद्धि। काल… ग्रहण, शोक, रात्रि, प्रभावना काल
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