Category: डायरी

प्रसिद्ध / सिद्ध

लोगों से जुड कर प्रसिद्ध हो सकते हैं परन्तु स्वयं से जुड़कर ही सिद्ध हुआ जा सकता है । (सुरेश)

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मुक्ति

पांच पहर धंधा किआ, तीन पहर* गये सोय, एकौ घड़ी ना हरि भजे, मुक्ति कहाँ से होए ! पहर = 3 घंटे (नरेश सैनी)

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दोस्त

हाथ क्या मिलाया कुछ दोस्तों से, कमबख़्त! दुःख की लकीरें ही मिटा गए..! (मंजू)

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Present

वर्तमान  को “Present ” क्यों  कहते हैं ? क्योंकि Every day is a gift.

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श्रेष्ठ

श्रेष्ठ – जो श्रेष्ठ कार्य करता है, परम श्रेष्ठ – जिसका नाम (गुरु/भगवान) लेने से कार्य श्रेष्ठ हो जाते हैं ।

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मंगल आशीष

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June 12, 2019

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