Category: डायरी

कारण / कार्य

कारण, कार्य से ज्यादा महत्वपूर्ण है । कार्य को महत्व देने वाले दु:खी रहते हैं ।

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स्वावलम्बन

डाली से गिरते हुए पत्तों ने क्या खूब कहा कि… अगर “बोझ बन जाओगे तो अपने ही तुम्हें गिरा देंगे” ???????? डॉ एस.एम.जैन ????????

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Soft words

Hard words cannot touch any soft heart, but soft words can touch any hard heart. So speak softly and win the world….???? ???????? Suresh ????

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ज़हर

ज़हर भी अपना हिसाब ज़रा अलग रखता है, साहेब ! मरने के लिए ज़रा सा और जीने के लिए बहुत सारा पीना पड़ता है ।

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माफ़ी

नफ़रत करके क्यों बढ़ाते हो अहमियत किसी की !.. माफ़ करके शर्मिंदा करने का तरीका भी तो कुछ बुरा नहीं!! (सुरेश)

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नववर्ष

नववर्ष नव-उत्कर्ष के रूप में सूर्योदय के साथ मनाना चाहिए । मुनि श्री प्रमाण सागर जी

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God

God is a circle whose centre is everywhere, but circumference nowhere.

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व्यक्तित्व

ये व्यक्तित्व की गरिमा है… कि फूल कुछ नहीं कहते, वरना कभी,कांटों को मसलकर दिखाइये….. ???????? (धर्मेन्द्र) ????????

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पचाना

आपको जीवन से जो कुछ भी मिले उसे पचाना सीखो… क्योंकि… *भोजन* न पचने पर रोग …! पैसा न *पचने* पर दिखावा …! बात न

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मंगल आशीष

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