Category: डायरी

शरीर

सबसे सीधा/शरीफ़ शरीर ही होता है । बेशकीमती होते हुए भी प्राय: इसे गंदे से गंदे/साधारण से भी साधारण कार्यों में लगाया जाता है पर

Read More »

शांति

दुःख का कारण, धर्म का अभाव, सुख का कारण, धर्म का प्रभाव, और… शांति का कारण, खुद का स्वभाव । (ब्र.संजय)

Read More »

आतंक / धर्म

आतंक धर्म कैसे हो सकता है ! क्योंकि धर्म तो आतंक को समाप्त करने के लिये होता है ।

Read More »

झूठ

झूठ से सब नफ़रत करते हैं, फिर झूठ बोलता कौन है ? नफ़रत करते हैं, यही झूठ है ।

Read More »

भक्त

असली भक्त वह नहीं जो सिर्फ भक्ति करे, बल्कि वो जो भय/प्रलोभन में भक्ति न छोड़े ।

Read More »

आनंद

प्रत्यक्ष (वर्तमान) में यदि आनंद है, तो परोक्ष (भविष्य) में भी आनंद रहेगा ।

Read More »

शुभारंभ

जिस दिन की पहली चौघड़िया शुभ होती है वैसी ही आखिरी चौघड़िया होती है । दिन की शुरूवात भगवान दर्शन से करो पूरा दिन/अंत तक

Read More »

धर्म और धर्मात्मा

धर्म कमज़ोर नहीं कि धर्मात्मा का सहारा ले । पर धर्म के संस्कारों को फैलाने के लिये धर्मात्माओं को माध्यम बनाते हैं ।

Read More »

मंगल आशीष

Archives

Archives
Recent Comments

January 6, 2018

March 2026
M T W T F S S
 1
2345678
9101112131415
16171819202122
23242526272829
3031