Category: डायरी
इनसानियत / धर्म
August 6, 2017
इनसानियत गीली भूमि है । इस पर ही धर्म का अंकुर पनपता है ।
क़ीमत
August 5, 2017
जो निशुल्क है, वही सबसे ज़्यादा क़ीमती है.. “नींद, शान्ति, आनंद, हवा, पानी, प्रकाश और सबसे ज़्यादा, हमारी साँसें” । (आर.के.गुप्ता)
चालबाज़ी
August 4, 2017
शतरंज का एक नियम बहुत ही उमदा है – चाल कोई भी चलो पर अपने वालों को नहीं मार सकते….. काश ये नियम इनसानों में
कमियाँ
August 3, 2017
कभी फ़ुरसत में अपनी कमियों पर ग़ौर करना, दूसरों के आईने बनने की ख्व़ाहिश मिट जायेगी । (सुरेश)
Ear
August 1, 2017
When the two ears are put side by side it forms the shape of the heart. lnterestingly, the word ‘ear’ sits right in the middle
देवदर्शन
July 31, 2017
दुखी हो तो भगवान के दर्शन से आनंदित हो जाओ, वरना तुम्हारा दु:ख भगवान से बड़ा हो जाएगा और तुम दुखी ही बने रहोगे ।
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