Category: डायरी

सृजन

1-2 ग्राम का बीज अंकुरित होते समय टनों टन मिट्टी को हटाने का पुरुषार्थ कर लेता है। वह अंकुर हमेशा ऊपर उठता है, हमारे पुरुषार्थ

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गूंगा कौन ?

जो प्रिय वचन नहीं बोलता, वह गूंगा है। ज़ुबान दो काम करती है ••• रस लेने का और बोलने का भी। ख़ुद रस लेने के

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समस्या और समाधान

समाधान नहीं ढूंढ पाने पर वे समस्या बन जाते हैं। क्योंकि समाधान और समस्या दोनों ही एक स्थान पर रहते हैं। जन्म मरण भी प्राय

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व्यसन

व्यसन (चोरी भी व्यसन है, हालांकि इसे पांच पापों में गिना जाता है) त्याग में दक्ष कौन ? सर्वथा त्यागी, यानी मुमुक्षु (मोक्ष सिर्फ चाहता

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आयु

  पूर्व से लेकर आयी हुई आयु को क्या हम बढ़ा सकते हैं? नहीं, किंतु घटा जरूर सकते हैं, जैसे तिजोरी में रखा धन बढ़

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समता

सूर्य ही एक ऐसा नक्षत्र है जिसकी सुबह और शाम की लालिमा एक सी होती है/ उन्नति और अवनति के समय समता भाव। प्रकाश और

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अहंकार

अहंकार— व्यक्ति कितना भी गोरा हो, छाया उसकी भी काली ही होती है। (मंजू रानीवाला)

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मत/मन भिन्नता

शेर ने सब जानवरों से अपना चित्र बनवाया। जिराफ़ के चित्र में शेर की पीठ थी। अन्य जानवरों के चित्र भी दायें, बायें, आगे, पीछे

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कषाय

तीन दिन तक यदि किसी ने पानी भी ना पिया हो पर मिठाई का नाम लेते ही मुँह में पानी पानी हो जाता है। तो

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मंगल आशीष

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