Category: डायरी
गलती
एक चीज़ जो हम अपनी मानने को तैयार नहीं होते… “गलती” (अरुणा) और यदि गलती से गलती मान ली, तो फिर वह गलती नहीं रह
ज्ञान / प्रेम
ज्ञान से चलने वाले को शून्य होना पड़ता है, और प्रेम से चलने वाले को पूर्ण। लेकिन शून्यता और पूर्णता एक ही घटना के दो
Inspiration
The ultimate inspiration is the *DEADLINE. *परमार्थ में इसे मृत्यु कहते हैं । ज़िंदगी राह पर नहीं आती, जब तक मौत नज़र नहीं आती ।
ईश्वर का अस्तित्व
कौन कहता है कि ईश्वर नज़र नहीं आता । एक वही तो नज़र आता है …. जब कुछ नज़र नहीं आता ।
जल बचाओ
बंद मंदिर को भी देखकर हाथ जोड़ने को उठ जाते हैं, तो खुला नल देखकर बंद करने को क्यों नहीं ! (अरुणा)
वृक्षारोपण
जिन्हें अपनी गाड़ी???? छांव में लगाने का शौक है, वो पेड़ लगाने का भी शौक रखें । (रजत-शिवपुरी)
गलतियाँ और पश्चाताप
ज़िन्दगी में इतनी गलतियाँ ना करो, कि पेन्सिल से पहले रबर घिस जाये ! और रबर को इतना मत घिसो, कि ज़िन्दगी का पेज ही फट
Education
Education is not the clearing of the pale*, rather, it is the lighting of the fire. *धुंधलका
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