Category: डायरी
शाकाहार
प्रकृति, प्रत्येक जीव का आहार खुद तय करती है। Test – Raw condition में – दिखने में आकर्षण तथा खाने में जायकेदार। Non-veg खाने वाले
परोपकार
चलो चाँद का किरदार निभायें हम सब, दाग अपने पास रखकर, रोशनी बाटें सबको । (मंजू)
पर उपदेश
बादल कितना पानी बरसाते हैं, पर छाता, बादलों की ज़गह अपने पर लगाते हैं। पापों से अपने को नहीं, दुनिया को बचाने में क्यों लगे
मायाचारी
मधुमक्खी के मुँह में शहद, दुम में डंक होता है। सावधान- हर मीठा बोलने वाला साधु नहीं होता । (मंजू)
पाप पर द्रष्टि
पापी कहने वाले की निगाह पापों पर ही टिकी रह जाती है, और पाप करने वाला प्रायश्र्चित्त करके पापों से मुक्ति पा सकता है /
उद्देश्य
दिन की शुरुआत में पैसा ही उद्देश्य होता है, शाम होते होते उद्देश्य हो जाता है शांति। (दिव्या-लंदन)
सुख/दुख
फुलों की तरह खिले, तो तोड़ लिये जाओगे । पत्थर की तरह तराशे गये, तो भगवान बन जाओगे । (राजेन्द्र-दिल्ली)
परोपकार
इटली का प्रचलन- रैस्टोरैंट में एक काफी पीने वाला , दो काफी का order देता है, एक अपने लिये , दूसरी गरीबों के लिये ।
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