Category: वचनामृत – अन्य
उलझन
उलझन सुलझाने का सरल उपाय – उलझन में “साता” का “स” लगा लो, उलझन “सुलझन” बन जायेगी । मुनि श्री प्रमाणसागर जी
धार्मिक क्रियायें
वृक्ष लगाना अच्छा है (धार्मिक क्रियायें), पर उसकी छाया लेना (शांति/सुकून), फल खाना (आत्मोन्नति), संतति बढ़ाना (प्रभावना), और भी अच्छा । आचार्य श्री वसुनंदी जी
पुण्य
पुराने पुण्यों से खटिया मिलती है, नये पुण्य कमाने के लिये खटिया खड़ी करनी होती है । मुनि श्री अविचलसागर जी
सरल बनना
सरल बनने के दो तरीके हैं – 1. माला जपें – मुझे सरल बनना है । 2. आसपास के लोगों को भी यही बता दें
धन / धर्म
धन और धर्म की एक ही राशि होती है । धन फल है, धर्म जड़ है । मुनि श्री सुधासागर जी
उपयोग
लोहे पर जंग ना लगने देने का उपाय – उपयोग जैसे हथौड़ा/चाकू/रेलपटरी/सुई यदि उपयोग में न आयें तो उन पर जंग लग जाती है ।
कामना / प्रार्थना
कामना में इच्छा/आग्रह है, पूरी ना होने पर दल बदलते रहते हैं; प्रार्थना में ना इच्छा है, न उसके पूर्ण होने का भाव और ना
नियम
थोड़े समय के लिये चीज़ों का त्याग करने से द्रव्य का आकर्षण छोड़ने का लाभ तो मिलेगा, पर Period short होने से भावों में नियंत्रण
आदत / स्वभाव
आदत अच्छी/बुरी दोनों । स्वभाव अच्छा ही । बुरी आदत पड़ने पर स्वभाव, विभाव बन जाता है । मुनि श्री सुधासागर जी
रात्रि में कुल्ला
ना तो रात्रि में कुल्ला करें और ना ही बिना कुल्ला करे मंदिर में बोल कर अर्घ चढ़ायें (दुर्गंध न फैलायें) मुनि श्री सुधासागर जी
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