Category: डायरी
भगवान का घर
अपने घर को अपना न कहकर भगवान का कहने से घर में गलत काम नहीं हो पायेंगे। जैसे मन्दिर में नहीं कर पाते।
मोह
मोह रूपी छोटा सा कागज़ भी आँख के करीब रखने से, वह पहाड़ जैसे बन जाता है। जिसके पीछे पूरा संसार ढक जाता है। सुख
ज्ञान
ज्ञान दो साधनों से –> 1. वस्तु(अजीव) जगत से… इसमें स्थायीपना होता है सो प्रमाणिक है जैसे आग जलाती है। आजकल इसका आदर बहुत बढ़
Feelings
गृहस्थों के लिए… One of the best feelings in the world is… knowing that someone is happy because of you. (J.L.Jain) साधुओं के लिए… One
मौन
मौन… म (मन) + ऊन (कम करना)। मौन में मन को कम होना चाहिये। ब्र. डॉ. नीलेश भैया
Who you are ?
Committing yourself is a way of finding out who you are. A man finds his identity by identifying. Robert E. Terwilliger
सब्र
बारात के पीछे हॉर्न बजाने से फ़ायदा कुछ नहीं, नुकसान –> आकुलता, ध्वनि-प्रदूषण। बेहतर है नाच लो –> कलुषता कम होगी, न्योछावर राशि में नोट
जीना
जीना और जाना तो निश्चित है। कैसे जाना/ क्या करके जाना ताकि आगे का जीवन अच्छे से जी सकें, यह हमारे हाथ में है। चिनाई
आश्रम
राग से निवृत्ति के लिये… वानप्रस्थ आश्रम। द्वेष से निवृत्ति के लिये… वृद्धाश्रम। (वहाँ अपने को बनाये रखने के लिये द्वेष को कम करते करते
पाप
पाप के पास के फायदों से अच्छा, दूर के नुकसान देखें। ब्र. डॉ. नीलेश भैया
Recent Comments