Category: डायरी
धर्म/विज्ञान
योग यानि जोड़, धर्म का पर्यायवाची है, धर्म संश्लेषणात्मक है, विज्ञान विश्लेषणात्मक (तोड़ता) है । ब्र. नीलेश भैया
Live & Let Live
“अगर जियो और जीने दो की भावना अंदर आ जाये तो बाह्य रूप भगवान जैसा बन ही जायेगा ।”
ज़िन्दगी
कहते हैं ज़िन्दगी का आखरी ठिकाना ईश्वर का घर है, कुछ अच्छा कर ले, मुसाफिर; किसी के घर खाली हाथ नहीं जाते….।
माँ
किसी भी मुश्किल का अब किसी को हल नहीं मिलता, शायद अब घर से कोई माँ के पैर छूकर नहीं निकलता ..!!!
Diet
When diet is wrong , medicine is of no use. When diet is correct , medicine is not required.
पुण्योदय में पापकर्म
जब तक तेरे पुण्य का बीता नहीं करार, तब तक तुझको माफ़ हैं, औगुन करे हजार । श्री लालमणी भाई
Ego
Ego is just like dust in the eyes . without clearing dust , you can’t see anything clearly . So clear ego and see the
Life
The simplest thing in this world is our Life. & The most complicated thing is the way we Live it.
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