Category: डायरी

काल-दोष

हम प्रायः पुराने पापोदय या पुरुषार्थ की कमी को काल-दोष कह कर ढंकते रहते हैं ।

Read More »

धन अर्जन

धन कमाना, ख़ूब कमाना भी चलेगा, झटपट कमाना नहीं चलेगा ।

Read More »

ग्रहस्थ

ग्रहस्थ होना एक स्थिति है, सदग्रहस्थ होना गुण है, जिससे जीवन की सार्थकता है ।

Read More »

धर्म और ज्ञान

धर्म से मन में दया बढ़ती है, ज्ञान से वैराग्य । दया आने से धर्म और बढ़ता है, वैराग्य से ज्ञान में वृद्धि होती है

Read More »

सत्य

स्वयं कानों से सुना, आँखों से देखा भी अपने मुँह से मत कहना, क्योंकि (पूर्ण) सत्य ना तो कहा जा सकता है, ना ही देखा

Read More »

उच्च कुल

नदी उसी को कहेंगे जिसमें जल* हो, तथा प्रवाह** हो । * आद्रता/संवेदनशीलता ** निरंतरता

Read More »

समाधान

जिस समस्या का समाधान न निकले, उसे निदान मान कर स्वीकार लो, यही समाधान होगा ।

Read More »

मंगल आशीष

Archives

Archives
Recent Comments

February 25, 2017

March 2026
M T W T F S S
 1
2345678
9101112131415
16171819202122
23242526272829
3031