Category: पहला कदम

भक्ति

भक्ति करने से गुणों से जुड़ जाते हैं, प्रसन्नता/ विनम्रता आती है। जिसकी भक्ति की जाती है उसके गुण आने लगते हैं। बहुश्रुतवान की भक्ति

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निमित्त

शेर खतरनाक फिर भी उसकी उपमा दी जाती है। कुत्ता वफ़ादार उसकी क्यों नहीं ? शेर डंडे/ तलवार को न पकड़ कर मारने वाले (कर्म)

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विकार / पुरुषार्थ

शीतल जल गर्म हुआ अग्नि (खराब परिस्थितियों) के सम्पर्क में आने से। पुरुषार्थ से जल को अग्नि से दूर किया तो विकार से स्वभाव (शीतलता)

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इंद्रिय नियंत्रण

आचार्य श्री विद्यासागर जी कहते हैं… आंख खोली तो पाप लगता है, पैर चले तो हिंसा। तो क्या करें ? कम से कम आंख खोलें।

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मंगलाचरण

मंगलाचरण में 6 अधिकार (चीजें) होते हैं… जैसे द्रव्यसंग्रह के मंगलाचरण में… मंगल…जो पुण्य ले आए/ पापों को गलाये। यहाँ श्री ऋषभदेव भगवान का नाम।

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मित्रता

मित्रता निभाने से पुण्यबंध। मित्रानुराग से कषाय, पापबंध। मुनि श्री अध्यात्ममणि सागर जी (व्रती श्री लालमणि जी वरैया, ग्वालियर)

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तत्व

कुण्डलपुर मंदिर जीर्णक्षीण तथा भूकंप से नुकसान होने पर नया बनाने की फैसले की, पुरातत्व विभाग ने आपत्ति की। आचार्य विद्यासागर जी… “आपका ध्यान पुरातत्व

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सोला

सोला में 16 तरह की शुद्धि…. अन्न शुद्धि… अन्न, जल, अग्नि, कर्ता शुद्धि। क्षेत्र… प्रकाश, वायु, स्थान, गन्ध शुद्धि। काल… ग्रहण, शोक, रात्रि, प्रभावना काल

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संसार / मोक्ष

संसार में रह कर आनंद आ रहा है तो मोक्ष कैसे ! संसार में रहकर आनंद में रह रहे हो तो संसार कैसे !! ये

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कुदेव

जहाँ भय वहाँ प्रीति नहीं। कुदेव से भय तो रहता ही है (नाराज़ होने पर परेशान करते हैं)। फिर उनसे प्रीति कैसे हो सकती है

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मंगल आशीष

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