Category: पहला कदम
तीर्थंकरों की महिमा
तीर्थंकरों की महिमा…. श्री सोनागिर सिद्धक्षेत्र से मुनि नंगकुमार, अनंगकुमार जी मोक्ष गए। चन्द्रप्रभु भगवान का समवसरण आया। मूलनायक प्रतिमा चन्द्रप्रभु भगवान की ही है।
मीमांसा
दर्शन तीन प्रकार के – तत्त्व मीमांसा –> सृष्टि का निर्माण कैसे आदि। ज्ञान मीमांसा –> ज्ञान की सीमाएँ क्या हैं। आचार मीमांसा –> ये
समय
स्टेज पर दूसरे कार्यक्रमों की बहुलता तथा धर्मचर्चा के लिए समय बहुत कम रह जाने पर, आचार्य श्री विद्यासागर जी –> समय की कीमत करो,
भागदौड़
भागदौड़…. कुत्ता एक मिनट में 15 बार साँस लेता है, औसत आयु 10 वर्ष। कछुआ एक मिनट में 2 बार साँस लेता है, औसत आयु
कषायों की तीव्रता
किसी जीव का क्रोध अनंतानुबंधी का है, बाक़ी कषायें मंद दिखती हैं, पर बाकी कषायें भी आएँगी मंद अनंतानुबंधी की श्रेणी में ही। क्योंकि कषायों
विकथा
विकथा 4 नहीं, 15 होती हैं…. स्त्री, धन, भोजन, नदी-पर्वत से घिरे स्थान/ केवल पर्वतों से घिरे स्थान, राज, चोर, देश-नगर, खान, नट, भाट, मल्ल,
वैयावृत्य
आचार्य श्री भद्रबाहु जी की वैयावृत्य देवता भी करते थे। कैसे ? गर्मी/ प्यास ज़्यादा होने पर बादल की छाँव करके।
गर्भ कल्याणक
संस्कारों का महत्व बताने के लिए गर्भ-कल्याणक दो दिन मनाया जाता है। देवियाँ भगवान की माँ की सेवा में, गर्भ की रक्षा हेतु नहीं बल्कि
प्रमाद
प्रमाद…. कुशल (मंगलरूप, हितकारी कार्य) में अनादर। प्रमाद से ही व्यसन, व्रतों में दोष। प्रमाद होने पर विकथा आदि होने का नियम नहीं। लेकिन विकथा
ज्ञान
दो अक्षर का (छोटा सा) “ज्ञान”, तीन तीन अक्षरों(बडों) वाले “दर्शन” तथा “चारित्र” के बीच जैसे माता पिता के बीच बच्चा, ताकि उछल-कूद न करे।
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