Category: डायरी
निःस्वार्थ सेवा
दो मिलते जुलते शब्द हैं सेलफिशनेस और दूसरा सेल्फओरिएंटेड। तुच्छ उपलब्धियां के पीछे भागना सेल्फिश्नेस है जबकि सेल्फओरिएंटेड को उच्च उपलब्धियां मिलती हैं। निःस्वार्थ सेवा
साक्षी भाव
दुःख में साक्षी भाव कैसे रखें ? पक्षियों की दृष्टि बना लें। ऊपर से जब वे गंदे नाले को देखते हैं, वह भी सुंदर दिखता
मकान/ दुकान/ धर्म
गेंद कीचड़ में फेंकी तो दिखेगी नहीं जैसे मकान में लगा हुआ पैसा। बालू पर फेंकोगे तो लौटेगी नहीं, पर दिखेगी… दुकान में लगा पैसा।
राष्ट्रभाषा
एक सेठ ने अपने अंतिम समय में विशाल मीनार बनवाना शुरू किया। अलग-अलग प्रांतों से सबसे बेहतरीन ठेकेदारों को बुलाया गया। 1 साल का समय
घर की पवित्रता
घर की पवित्रता मात्र अग्नि से ही नहीं होती है। अग्नि तो शमशान में सबसे ज्यादा है। पवित्रता तो घर में गुरुओं के चरण पड़ने
उपयोग/परिणाम
मैं कहाँ? जहाँ मेरा उपयोग। मैं कैसा? जैसे मेरे परिणाम। ब्र. डॉ. नीलेश भैया
बुद्धि
3 प्रकार की बुद्धि –> भरम बुद्धि – निर्वेग। एक चरवाहा 100 भेड़ें लेकर लौट रहा एक आगे चली गयी, दूसरी बहुत पीछे, 98 साथ
राम नाम का प्रभाव
लंका विजय के दौरान पुल बनाते समय हनुमान राम का नाम लिखकर पत्थर समुद्र में छोड़ते थे तो तैरने लगता था। राम ख़ुद पत्थर डालते
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