Category: डायरी
उपयोग
शांतिधारा(भगवान के ऊपर जल ढालना) करते समय जल की धारा टूटने पर प्रायश्चित बहुतों ने लिया क्योंकि उसका उपयोग टूट गया था। पर गुरु के
मान
मान भी बुरा नहीं, बस विवेक रखना है कि कहाँ पर/ अभिप्राय क्या है ! मान को प्रामाणिक बना लें। आत्मकेंद्रित(Self oriented) बुरा नहीं, स्वार्थी(Selfish)
दुर्जन
दुर्जन कौन ? जो दूषित भोजन करता हो। आचार्य श्री विद्यासागर जी कहा करते थे… दुर्जन को पहचानना कठिन, बचना भी कठिन। व्यक्ति दुर्जन से
आचरण
पहाड़ चढ़ते समय जितने-जितने चोटी के करीब आएंगे उतना-उतना स्पेस कम होता जाएगा/ भावनाएं बढ़ती जाएंगी। चोटी पर बने रहने के लिए संतुलन की बहुत
भाषा समिति
अंग्रेजों की अन्यायपूर्ण सत्ता के बारे में एक पुस्तक लिखी गई, नाम था “सोने की चिड़िया और लुटेरे अंग्रेज”। आचार्य श्री विद्यासागर जी उस पुस्तक
असाढ़ माह के प्रभाव
आषाढ़ के माह में (जो आजकल चल रहा है) नमी बहुत होती है, त्वचा के रोमों से वायु के साथ* नमी अंदर भी चली जाती
वैराग्य
कहा है कि संसार को देखकर वैराग्य होता है पर हमको हो क्यों नहीं रहा ? क्योंकि हम संसार में रूप देखते हैं जिससे राग
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