Category: डायरी

विनय

पूजादि, जिनवाणी (धार्मिक पुस्तक) को हाथ में लेकर करनी चाहिये। क्योंकि –> 1. गलत नहीं पढ़ेंगे, सो अनादर नहीं होगा। 2. घमंड नहीं होगा कि

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गौरव

स्कूल में एक लड़‌का बहुत शैतान था, फेल होता रहता था। उसके दादाजी को बुलाया गया। वे उसे लेकर अपनी खानदानी हवेली दिखाने ले गये।

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मोह

(रेनू जैन- नयाबाजार मंदिर- ग्वालियर)

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मन / आत्मा

आत्मा तो हमेशा जानती है कि सही क्या/ गलत क्या है। मनुष्य के सामने चुनौती तो मन को समझाने की होती है। (सुरेश)

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भेद विज्ञान

आभूषण में सोने और खोट की पहचान करना भेद विज्ञान है। महत्व सोने का ही नहीं, खोट का भी होता है क्योंकि खोट के बिना

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सबक

किसी को सबक सिखाने की ज़िद न करो, कोई नहीं सीखता, क्योंकि सबक सिखाये नहीं जाते,सीखे जाते हैं! (सुरेश जैन- इंदौर)

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Silence

“Don’t talk unless you can improve the silence.” ( J. L. Jain ) Jorge Luis Borges

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भेड़ चाल

कुछ लोग जिधर की हवा, उधर ही चल पड़ते हैं ! हालांकि… ये काम कचरे का है। (सुरेश)

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साधन / रोग

साधनों के अतिभोगी न बनो, जरा योगी भी बनो, ताकि रोगी बनने से छुटकारा मिल सके !

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Poor / Wealthy

“The poor spend most of their money, the middle-class save most of their money, & the wealthy invest most of their money; hence, they are

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मंगल आशीष

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