Category: डायरी
मंदिर निर्माण
क्या वास्तु दोष भगवान के मंदिरों पर भी प्रभाव डालते हैं ? वास्तु का अर्थ है भवन और मंदिर भी एक भवन ही है। ग्वालियर
प्रतिक्रमण
प्रतिक्रमण में श्रमण अपने को जड़ बुद्धि, पापी आदि से संबोधित करता है पर श्रावक उन्हें ज्ञानी और पुण्यात्मा आदि कहते हैं। यही तो अनेकांत
सफलता / असफलता
युद्ध में हवाई जहाज गोलियाँ खाकर लौटे। सोच → जहाँ गोलियाँ लगीं उन स्थानों को और मजबूत किया जाय। सम्भावना → जो प्लेन लौटकर नहीं
काफ़ी / फीका
एक ही पेय पीकर एक को लगा “काफ़ी”, दूसरे को “फीका”। ऐसे कुछ को जीवन भी “काफ़ी” लगता है, अन्यों को “फीका”। फीके की परिभाषा
स्वयं का सम्मान
दूसरों के प्राणों की रक्षा से पहले अपने प्राणों का सम्मान करें। भगवान की मूर्ति भी प्राण प्रतिष्ठा के बाद पूज्य बनतीं हैं। हम पूज्यता
भूमि दान
चार प्रकार के दान बताए गए। भूमि-दान कौन से दान में आएगा? उस भूमि में मंदिर, धर्मशाला या संत भवन बनेगा तो आवास-दान हो गया।
आचरण
आचरण स्थायी गुणों से ही तय होता है। मुनि श्री सौम्य सागर जी (जिज्ञासा समाधान- 26 फ़रवरी)
अहिंसा
श्री बाल गंगाधर तिलक ने कहा था … अहिंसा का उपदेश तो अन्य मतों में भी है पर जैन धर्म में इसका आग्रह पूर्वक पालन
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